Lohit Mandal / Wed, Jun 19, 2024 / Post views : 850
मिशन द्वारा अनेको प्रयास किये जा रहे हैं। जिसके तहत सरगुजा जिले में भी इस योजना के तहत 3 मॉडल तिलहन ग्राम राजापुर, बामलाया व तेलाइधार का चयन किया गया हैं। चयनित तीनों ग्रामो में कुल 500 एकड़ रकबे में तिलहन फसलों का प्रदर्शन लगाया जाना प्रस्तावित हैं। जिसके तहत खरीफ मौसम में कुल 150 एकड़ रकबे में मूंगफली का प्रदर्शन लगाया जा रहा हैं। इस तरताम्या में कृषि विज्ञान केन्द्र, चलता में चयनित मॉडल ग्रामों के किसानों को मूंगफली उत्पादन की उन्नत तकनीक पर बारे विस्तृत जानकारी प्रशिक्षण के माध्यम से दी गयी। प्रशिक्षण का शुभारंभ केन्द्र प्रमुख डॉ संदीप शर्मा के उपस्थित में किया गया। डॉ संदीप शर्मा ने अपने स्वागत उभोदन में किसानों को सम्भोदित करते हुये कहाँ की बदलते हुये परिवेश में तिलहन फसलों की खेती काफ़ी लाभकारी साबित हो रही हैं क्यूंकि तिलहन फसलों में उत्पादन लागत कम और लाभ अधिक होने के साथ साथ कम पानी एवं उर्वरक की आवश्यकता होती हैं। उक्त प्रशिक्षण का आयोजन योजना प्रभारी डॉ सी पी राहँगडाले के द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के दौरान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ प्रदीप लकड़ा, डॉ पुष्पेंद्र सिंह, डॉ सूरज चंद्र पंकज एवं डॉ शमशेर आलम द्वारा मूंगफली उत्पादन तकनीक के अनेको पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी किसान को दी। प्रशिक्षण समाप्ति के पश्चात् 205 किसानों को मूंगफली की उन्नत किस्म K1812 का बीज प्रदर्शन के लिए दिया गया।विज्ञापन
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