Lohit Mandal / Tue, Oct 28, 2025 / Post views : 372
साथ सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित किया और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। रत्ना पैंकरा ने कहा कि “छठ मइया सबके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखें, यही मेरी मंगलकामना है।”
पूरन तालाब स्थित घाट पर शाम के समय हजारों श्रद्धालु जुटे थे। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर डलिया और सुपली में फल, प्रसाद, नारियल और ठेकुआ लिए घाट की ओर बढ़ रहीं थीं। पूरा वातावरण ‘जय छठी मइया’ और ‘छठ मइया की जय’ के जयकारों से गूंज रहा था। इस दौरान रत्ना पैंकरा ने श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनके साथ कुछ समय तक पूजन स्थल पर रही।
रत्ना पैंकरा ने इस मौके पर कहा कि छठ पर्व सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को अनुशासन, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला पर्व है। उन्होंने कहा कि छठ पर्व हमारी संस्कृति की पवित्रता और जीवन में सूर्यदेव की अहम भूमिका को दर्शाता है। सूर्य की उपासना से ऊर्जा, स्वास्थ्य और सकारात्मकता का संचार होता है।
पत्थलगांव नगर प्रशासन और स्थानीय सामाजिक संगठनों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों पर सुरक्षा, प्रकाश और स्वच्छता की विशेष व्यवस्था की थी। नगर पालिका कर्मियों ने दिनभर सफाई अभियान चलाया, वहीं पुलिस बल की तैनाती से श्रद्धालुओं को सुरक्षित
वातावरण मिला। महिला पुलिस कर्मियों ने भी घाट पर सक्रिय रहकर व्यवस्था संभाली।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस वर्ष घाट पर पहले से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। छठ पर्व चार दिनों तक चलने वाला लोकपर्व है, जिसमें नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और प्रातः अर्घ्य की परंपराएं निभाई जाती हैं। मंगलवार को प्रातःकालीन अर्घ्य के साथ यह पर्व संपन्न होगा।विज्ञापन
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