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: धार्मिक और आस्था का केंद्र कुरोपहरी

Lohit Mandal / Mon, Mar 3, 2025 / Post views : 248

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सरगुजा-- भारतीय संस्कृति और मान्यता के अनुसार हमारे देश में अनेकों मंदिर और पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग के द्वारा मंदिरों का अवशेष मिलने पर पूजा अर्चना का अनेकों केन्द्र मिलता है और इसी का एक जीता जागता उदाहरण सरगुजा जिले के बतौली अंतर्गत ग्राम पोकसरी में कुरो पहरी नामक स्थान है जहां पुरानी मान्यताओं के अनुसार एक कुम्हार ( कुम्भकार ) ने हाण्डी का विक्रय करने के पश्चात अनाज नापने वाला पात्र ( कुरो )गलती से छुट जाता है और वह आगे चल पड़ा फिर अचानक याद आया तो कुछ ही दूर में हाण्डी का भार को रखकर वापस लेने पहुंचते ही वह पात्र पहाड़ का रुप धारण कर लिया इसके बाद मायूस हो कर अपने रखा हुआ हाण्डी के तरफ पहुंचता है तो वह भी पहाड़ बन जाता है तब से आज तक इस पवित्र स्थान पर पूजा अर्चना बहुत ही श्रद्धा के साथ हर वर्ष एक दिन के लिए किया जाता है और दूर दूर से आकर यहां भक्तों का तांता लगा रहता है और रात्रि में कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है ।

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