Lohit Mandal / Sun, Jul 14, 2024 / Post views : 691
रात उसकी आख़री रात होगी उसको क्या पता था इस हॉस्पिटल के भरोसे उसके परिजन उसकी जान बचाने ले जा रहे है उस हॉस्पिटल मे कोई सुभीधा नही है उसको कहाँ पता था की उसको सही समय पर हॉस्पिटल वाले एक यम्बुलेंस तक उसके लिए वायस्था नही कर पायेगी उसके परिजन तो ये सोच कर ये हॉस्पिटल आगये क्यूँ की धरमजयगढ़ का ये एक मात्र सबसे बड़ा हॉस्पिटल है यहाँ डॉक्टर नर्स की कोई कमी नही है कमी है तो शुभीधाओं की क्या बीजेपी सरकार धरमजयगढ़ हॉस्पिटल को एक एम्बुलेंस नही दे पा रही है या हॉस्पिटल मैनेजमेंट अधिकारी के लापरवाही की वाजा से हो रही है
आप सबको ये जान कर हयेरनी होगी की धरमजयगढ़ विधानसभा का ये सबसे बड़ा हॉस्पिटल है और इस हॉस्पिटल मे एक येम्बुलेंस नही है जिसकी वजा से आज एक मासूम आदिवासी बेटी की जान चली गई अगर इस हॉस्पिटल मे यम्बुलेंस होता तो सायद ओ बेटी अमारे बिच मे होतीविज्ञापन
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