: बतौली महाविद्यालय में हुआ नवप्रवेशित विद्यार्थियों का दीक्षारंभ कार्यक्रम संपन्न"
Lohit Mandal
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Wed, Aug 7, 2024
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"राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत विभिन्न प्रावधानों की विद्यार्थियों को दी गई जानकारी"
सरगुजा/बतौली:- शासकीय महाविद्यालय बतौली (सरगुजा) के सत्र 2024-25 में अध्ययनरत बी.ए., बी.काम. एवं बी.एससी. में नवप्रवेशित विद्यार्थियों हेतु राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रमुख प्रावधान पर आधारित पाठ्यक्रम के अनुसार प्रवेश उत्सव "दीक्षारंभ" का आयोजन 05 अगस्त 2024 को किया गया है जिसमें महाविद्यालय में अध्ययनरत स्नातक प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के समस्त विद्यार्थियों ने सहभागिता किया। प्रथम सत्र में छत्तीसगढ़ महतारी एवं सरस्वती मां की पूजा के बाद नव प्रवेशित विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। बी. एससी. प्रथम वर्ष की छात्रा निर्मला ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया तत्पश्चाप बी. एससी. अंतिम वर्ष एवं द्वितीय वर्ष की छात्राओं विद्या पैकरा, होलिका पैकरा, खूशबू प्रजापति और कविता पैकरा ने छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत "अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार" प्रस्तुत किया। शुभारंभ सत्र के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. बी.आर. भगत, विशिष्ट अतिथि प्रो. बलराम चंद्राकर, श्रीमती शुभागी भगत, सुश्री मधुलिका तिग्गा एवं सुश्री शिल्पी एक्का मंचासीन थे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के 2020 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए प्राचार्य बी.आर.भगत ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत आवश्यक है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं सभी क्षेत्रों में रुचि में वृद्धि के लिए बहुविषयक विकल्पों की व्यवस्था बहुत उपयोगी है इससे विद्यार्थियों को अपने संकाय के साथ अन्य संकायों की जानकारी और ज्ञान प्राप्त होगा। नवप्रवेशित विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति की जानकारी प्रदान करते हुए प्रो. बलराम चंद्राकर ने बताया कि अब स्नातक पाठ्यक्रम तीन वर्षीय एवं चार वर्षीय होगा जिसमें प्रत्येक वर्ष में दो सेमेस्टर की परीक्षायें होंगी। प्रत्येक सेमेस्टर में 90 दिन अथवा 15 सप्ताह का अध्ययन आवश्यक है। प्रत्येक सेमेस्टर के पाठ्यक्रम को 20 क्रेडिट में विभाजित किया गया है जिसके अनुसार प्रत्येक क्रेडिट में 15 घंटे अध्ययन आवश्यक है। अब कक्षाएं 1 घंटा की होगी जिसमें सैद्धांतिक कक्षाओं के साथ प्रायोगिक विषयों और फील्ड वर्क भी शामिल रहेगा। प्रत्येक सेमेस्टर के मूल्यांकन में 30 प्रतिशत अंक आंतरिक मूल्यांकन के तथा 70 प्रतिशत अंक बाह्य परीक्षा के लिए विभाजित होगा जिसमें उत्तीर्ण होने के लिये 40 प्रतिशत अंक की आवश्यकता होगी। इस व्यवस्था में परीक्षा परिणाम प्रतिशत के स्थान पर ग्रेड प्रणाली का समावेश किया गया है।
कार्यक्रम का संचालन सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी प्रो. गोवर्धन प्रसाद सूर्यवंशी ने किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को एक वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण होकर पुनः अगले सेमेस्टर में प्रवेश लेने की पात्रता होगी जो अपने संकायों के तीन विषयों के साथ अन्य संकाय के एक विषय का चयन प्रति सेमेस्टर करने की सुविधा प्रदान किया गया है। विद्यार्थियों के लिए तृतीय सेमेस्टर में अपने संकाय के विशेष विषय (डी.एस.ई.) के अतिरिक्त अध्ययन का समावेश भी किया गया है। प्रथम तीन सेमेस्टरों में प्रति सेमेस्टर क्रमशः अंग्रेजी भाषा, हिन्दी भाषा एवं पयार्वरण अध्ययन का समावेश किया गया है। इसके अतिरिक्त योग्यता संवर्धन पाठ्यक्रम में से क्रमशः एक-एक विषय चयन करने का प्रावधान भी किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी देते हुए श्रीमती सुभागी भगत ने कहा कि तीन वर्षीय (06 सेमेस्टर) पाठ्यक्रम में कुल 120 क्रेडिट अर्जित कर परीक्षा उत्तीर्ण करने पर स्नातक की उपाधि तथा 4 वर्षीय पाठ्यक्रम (08 सेमेस्टर) मू 160 क्रेडिट अर्जित कर परीक्षा उत्तीर्ण करने पर स्नातक (ऑनर्स) की डिग्री एवं 164 क्रेडिट उत्तीर्ण करने पर स्नातक (ऑनर्स एवं रिसर्च) की उपाधि प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त केवल एक वर्ष (02 सेमेस्टर) में कुल 40 क्रेडिट अर्जित कर परीक्षा उत्तीर्ण कर अध्ययन से पृथक हो जाने पर सर्टिफिकेट की पात्रता के लिए चार अतिरिक्त क्रेडिट ऑनलाइन पोर्टल स्वयं अथवा मूक से अर्जित करने का प्रावधान किया गया है। इसी तरह दो वर्ष (04 सेमेस्टर) में कुल 84 क्रेडिट अर्जित कर परीक्षा उत्तीर्ण कर अध्ययन से पृथक हो जाने पर डिप्लोमा की पात्रता का प्रावधान है। एकेडमिक बैंक आफ क्रेडिट के रूप में विद्यार्थी का प्रतिवर्ष अर्जित क्रेडिट अंक डिजिटल रूप में स्टोर होगा जिसका उपयोग अन्य पाठ्यक्रम एवं संस्थान में प्रवेश किया जाएगा। प्रथम सत्र में वक्ताओं के प्रति आभार ज्ञापन सुश्री मधुलिका तिग्गा के द्वारा किया गया।
द्वितीय सत्र में इंडक्शन कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रमुख प्रावधान पर आधारित पाठ्यक्रम पर व्याख्यान एवं प्रशिक्षण का आयोजन किया गया जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के एंबेसडर सहित नव प्रवेशित विद्यार्थियों ने सहभागिता किया।