: "बतौली महाविद्यालय में हिंदी साहित्य विकास परिषद का पुनर्गठन"
Lohit Mandal
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Mon, Sep 2, 2024
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सरगुजा-"गीतांजलि सिंह सर्वसम्मति से हिंदी साहित्य विकास परिषद का अध्यक्ष और खुशबू प्रजापति सचिव मनोनीत"
बतौली:- शासकीय महाविद्यालय बतौली (सरगुजा) में "हिंदी साहित्य विकास परिषद" का पुनर्गठन किया गया जिसमें सर्वसम्मति से बी.ए. अंतिम वर्ष की छात्रा गीतांजलि सिंह को सत्र 2024- 25 के लिए अध्यक्ष, बी.ए. अंतिम वर्ष के ही छात्र आयुष राज चौहान को उपाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। हिंदी साहित्य विकास परिषद के सचिव का दायित्व बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा खुशबू प्रजापति को, बी.ए. प्रथम वर्ष के छात्र ललित कुमार पैकरा को उप सचिव तथा बी.ए. अंतिम वर्ष के छात्र नीतेश कुमार पैकरा को कोषाध्यक्ष एवं उपकोषाध्यक्ष बी.ए. द्वितीय वर्ष के छात्र विष्णु यादव को मनोनीत किया गया है। मीडिया प्रभारी का दायित्व बी. ए. अंतिम वर्ष के छात्र रामवृक्ष को दिया गया है। 02 सितंबर को आयोजित हिंदी साहित्य विकास परिषद के बैठक में विद्यार्थियों ने सर्वसम्मति से पदाधिकारी का मनोनयन किया। सत्र 2024- 25 के कार्यकारिणी के सदस्यों का पुनर्गठन भी हिंदी साहित्य विकास परिषद के बैठक में किया गया जिसमें प्रत्येक कक्षा के 05 छात्र एवं 05 छात्राओं को मनोनीत किया गया है इसमें 01-01 छात्र-छात्रा को अन्य विषय समूह से भी मनोनीत कर कार्यकारिणी में स्थान दिया गया है।
"हिंदी साहित्य विकास परिषद" के पुनर्गठन के साथ-साथ "छत्तीसगढ़ी साहित्य विकास परिषद" का भी गठन किया गया जिसमें सर्वसम्मति से बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा रूमंती एक्का को अध्यक्ष, बी.ए. प्रथम वर्ष के छात्र अरुण मिंज को उपाध्यक्ष एवं बी.ए अंतिम वर्ष की छात्रा पुष्पा लकड़ा को सचिव के पद पर मनोनीत किया गया। "छत्तीसगढ़ी साहित्य विकास परिषद" के कार्यकारिणी के लिए प्रत्येक कक्षा से बेहतर कार्य करने सदस्यों का मनोनयन भी सर्वसम्मति के आधार पर किया गया है। "छत्तीसगढ़ी साहित्य विकास परिषद" का गठन प्रदेश के कुछ ही महाविद्यालय में हुआ है जिनमें से एक बतौली महाविद्यालय भी है। हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक प्रो. गोवर्धन प्रसाद सूर्यवंशी ने सभी पदाधिकारी का परिचय देते हुए हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास के लिए सृजनात्मक कार्य करने के लिए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
उक्ताशय की जानकारी देते हुए परिषद के मीडिया प्रभारी रामवृक्ष ने बताया कि "हिंदी साहित्य विकास परिषद" एवं "छत्तीसगढ़ी साहित्य विकास परिषद" के पुनर्गठन पर महाविद्यालय के प्राचार्य बी.आर. भगत, हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक प्रो. गोवर्धन प्रसाद सूर्यवंशी, भूगोल विभाग के प्रो. तारा सिंह, अंग्रेजी विभाग के प्रो. जिवियन खेस, वनस्पति विज्ञान के प्रो. सुश्री मधुलिका तिग्गा, रसायन विभाग के प्रो. श्रीमती सुभागी भगत, वाणिज्य विभाग के प्रो. बलराम चंद्राकर और अतिथि व्याख्याता सुश्री शिल्पी एक्का सहित समस्त प्राध्यापकों एवं महाविद्यालय परिवार ने हर्ष व्यक्त करते हुए शुभेच्छा दिया है।